spp /usc/1a/20032006/1100/1

 

अशोधित प्रति/ प्रकाशनार्थ नहीं

 

राजस्‍थान विधान सभा की कार्यवाही का वृत्‍तान्‍त

 

अंक  5 बारहवीं विधान सभा के पांचवें सत्र का इक्‍कीसवां दिवस संख्‍या  12

 

 

सोमवार;

20 मार्च, 2006

 

राजस्‍थान विधान सभा की बैठक 1100 बजे

विधान सभा भवन,जयपुर में प्रारम्‍भ हुई।

 

(श्रीमती सुमित्रा सिंह, अध्‍यक्ष, पदासीन)

 

तारांकित प्रश्‍नोत्‍तर

प्रश्‍न संख्‍या 60

श्री अध्‍यक्ष: श्री राव राजेन्‍द्र सिंह।

( अनुपस्थित : कृपया आगे देखें)

श्री नन्‍दलाल पूनिया।

बेवड़- खुडि़यावास-हमीरवास(चूरू) मिसिंग लिंक सड़क निर्माण

 

61. श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): क्‍या सार्वजनिक निर्माण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे :-

(1) क्‍या यह सही है कि तहसील राजगढ़ (चूरू) के ग्राम बेवड़ से खुडियावास की दूरी 4 कि.मी.है ?

(2) क्‍या यह भी सही है कि खुडियावास से रामपुरा हरियाणा सीमा तक सड़क बनी हुई है, जहां से हरियाणा राज्‍य हेतु सीधा आवागमन है?

(3) क्‍या यह सही है कि बेवड़ से खुडियावास 4 कि.मी. की दूरी मिसिंग लिंक रोड की परिभाषा में आती है ?

(4) क्‍या यह सही है कि बेवड़ हमीरवास से जुड़ा हुआ है ?

(5) क्‍या यह सही है कि उक्‍त मिसिंग लिंक रोड का निर्माण करने से राजगढ़ तहसील का सीधा लगाव हरियाणा-दिल्‍ली से हो जाता है? यदि हां, तो क्‍या सरकार उक्‍त मिसिंग लिंक रोड का निर्माण कराने का विचार रखती है ? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्‍यों ?

सार्वजनिक निर्माण मंत्री(श्री राजेन्‍द्र राठौड़): (1) जी नहीं। तहसील राजगढ़(चूरू) के ग्राम बेवड़ से खुडियाबास की दूरी साढ़े चार किलोमीटर है।

(2) जी हां।

(3) जी नहीं। खुडियाबास एवं बेवड़ दोनों ही डामर सड़क से जुड़े हुए हैं। दोनों के बीच में सड़क नहीं बनी हुई है।

(4) जी हां।

(5) जी हां। उक्‍त सड़क का निर्माण राज्‍य के उपलब्‍ध संसाधनों व प्राथमिकता

पर निर्भर है।

श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से मंत्रीजी से पूछना चाहता हूं कि मिसिंग लिंक रोड की परिभाषा क्‍या है? आपने खण्‍ड-3 में यह दिया है कि खुडियाबास एवं बेवड़ दोनों ही डामर सड़क से जुड़े़ हुए हैं। दोनों के बीच में सड़क बनी हुई नहीं है। बीच में सड़क बनी हुई नहीं है तो वही तो मिसिंग लिंक रोड होती होगी और आप इसको मान ही नहीं रहे हो कि यह मिसिंग लिंक रोड में आती है।

श्री अध्‍यक्ष: वह दोनों अलग-अलग जुड़े हुए हैं, यह आवश्‍यक नहीं मिसिंग लिंक होना। दोनों अलग अलग सड़कों से जुड़े हुए हैं वह।

श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से नहीं, आपसे ही निवेदन करना चाहता हूं कि आप मंत्रीजी को निर्देशित करें, चूंकि यह सात गांवों का मामला है, आपके विधान सभा क्षेत्र के मंडेला और थिगियास वगैरह गांव के लोगों को राजगढ़ होकर जाना पड़ता है। 80 कि.मी. की दूरी ज्‍यादा कवर-अप करनी पड़ती है। यदि यह मिसिंग लिंक रोड साढ़े चार कि.मी. की बन जाती है तो आपके लोहारू-पादरी-बारड़ा आदि विधान सभा क्षेत्र के लोगों को सीधा जाने का अवसर मिलता है। मैं सीएलपी. लीडर से भी निवेदन करना चाहता हूं, इनका क्षेत्र भी .. (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: भाषण नहीं, क्‍वेश्‍चन पूछें।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: आप तो मेरे से ही निवेदन कर लो आज तो।

श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): महोदय, आपका क्षेत्र भी लगता है घांघू वगैरह गांव के आदमी गांगियासर होकर जाते हैं। आज उस क्षेत्र में आज तो राठौड़ हो, राठौड़ और पूनिया भाई-भाई बतावें, आप घोषणा कर दो सात विधान सभा क्षेत्र के ..(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: इनके क्षेत्र के लिये भी आपको सिफारिश करने की आवश्‍यकता है क्‍या? इनके खुद के क्षेत्र के लिये आपको सिफारिश करने की आवश्‍यकता है ? यह खुद ही कर लेंगे।

श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): मैं तो आपसे निवेदन कर रहा हूं, आप निर्देशित करें।

श्री रामनारायण चौधरी(नेता, प्रतिपक्ष): ..(व्‍यवधान).. फिर भी मैं निवेदन करता हूं...

श्री अध्‍यक्ष: मेरा इसमें कुछ नहीं आता।

श्री रामनारायण चौधरी: मंडेला है। ..(व्‍यवधान)..

श्री अध्‍यक्ष: मंडेला आता है, इसमें तो आपने कह ही दिया। वह तो आपने कह ही दिया। मंडेला मेरे कहां आता है अब?

श्री रामनारायण चौधरी: वह आगे की बात है, आज के दिन तो आप बिराज रही हो।

श्री अध्‍यक्ष: मंडेला से इस सड़क का कोई ताल्‍लुक नहीं है। ..(व्‍यवधान)..

श्री महावीर प्रसाद जैन(मुख्‍य सचेतक): 200 विधान क्षेत्र के ऊपर हैं, कहां एक विधान सभा क्षेत्र की बात कर रहे हो?

श्री अध्‍यक्ष: इस सड़क का मंडेला से कोई ताल्‍लुक नहीं है। यह झुन्‍झुनूं जिले में आती ही नहीं सड़क। यह सड़क झुन्‍झुनूं जिले में नहीं आती।

श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): झुन्‍झुनूं में तो नहीं आती लेकिन झुन्‍झुनूं के उत्‍तर के लोगों को सीधा हरियाणा में जाने के लिये साढ़े चार कि.मी. की सड़क बन जाती है तो सीधा रास्‍ता उनको मिलता है। उनको राजगढ़ जाने की जरूरत नहीं है।

श्री अध्‍यक्ष: वह तो सीधे हरियाणा में वैसे ही जा रहे हहैं। पीपरी से हरियाणा तो वैसे ही जाते हैं।

श्री नन्‍दलाल पूनिया (सादुलपुर): हरियाणा में दूरी ज्‍यादा कवर करनी पड़ती है, 80 कि.मी.ज्‍यादा जाना पड़ता है। आपके रामपुरा बेरी ...(व्‍यवधान)..

श्री अध्‍यक्ष: चूरू जिले में जाने की आवश्‍यकता नहीं है, वह सीधे ही जुड़े हुए हैं।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: अध्‍यक्ष महोदय, माननीय सदस्‍य ने जानना चाहा कि ..(व्‍यवधान)

चौ.विनोद कुमार (हनुमानगढ़): अध्‍यक्ष महोदय, मैं भी एक मिनट में एक क्‍वेश्‍चन करना चाहता हूं। मेरे विधान सभा क्षेत्र हनुमानगढ़ के अंदर 15-20 सड़कें...

श्री अध्‍यक्ष: हनुमानगढ़ कहां आ गया यहां ?

चौ.विनोद कुमार (हनुमानगढ़): यह लिंक रोड का है साहब, 15-20 सड़कें ऐसी हैं जहां लाखों रूपया खर्च हो गया और कहीं दो कि.मी., कहीं ढाई कि.मी., कहीं तीन कि.मी. रेंज के अंदर नहीं बनी हुई है, क्‍या राज्‍य सरकार इस वर्ष में उनको बनाने की इच्‍छा रखती है ? यदि नहीं, तो क्‍यों?

श्री अध्‍यक्ष: अलग से प्रश्‍न है।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: अध्‍यक्ष महोदय, माननीय सदस्‍य ने जानना चाहा कि मिसिंग लिंक की परिभाषा क्‍या है, अध्‍यक्ष महोदय, लिंक मिस हो जाये वह मिसिंग लिंक का आपने जिस सड़क की बात कही है और यह कहा है कि हरियाणा से आवागमन सुगम हो जायेगा। अध्‍यक्ष महोदय, राजगढ़ और हरियाणा के बीच में तीन सड़कें ऐसी हैं जिनके कारण वहां हरियाणा के साथ उनका सम्‍पर्क और आवागमन सुगम  है। जिस सड़क की आपने चर्चा की है यह दोनों गांव अलग अलग सड़कों से जुड़े हुए हैं और हमारी सरकार की नीति भी है कि सबसे पहले जो गांव सड़कों से जुड़े हुए नहीं हैं उन गांवों में सड़क पहुंचाई जाये और इसके बाद जो भी उपलब्‍ध संसाधन होंगे, उस आधार पर इस सड़क के बारे में विचार किया जायेगा। निश्चित तौर पर यह 27 कि.मी. की सड़क जो हरियाणा बोर्डर को जोड़ती है, उसके अंदर यह सड़क जुड़ जाये तो उससे इस सड़क का उपयोग हो जायेगा। निश्चित तौर पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। हमारे संसाधनों को देखकर फिर विचार करेगी।

श्री नन्‍दलाल पूनिया: संसाधन तो आप जुटाओ, आप संसाधन जुटाने में माहिर हो साहब, संसाधन आपसे अलग थोड़े ही हैं, संसाधन आपमें निहित हैं। (व्‍यवधान)

श्री रामनारायण चौधरी: आपकी सरकार की जो नीति है, मान्‍यवर, भारत सरकार का भी महत्‍वपूर्ण योगदान है, फिर भी आप थोड़ा-सा कर दें।  

श्री महावीर प्रसाद जैन: आपके नेता बोल रहे हैं।  

श्री नन्‍दलाल पूनिया : अब तिवाड़ी जी के बाद सबसे तेज-तर्रार आदमी हो, आपके पास संसाधनों की कमी नहीं है।

श्री अध्‍यक्ष: वह मूल प्रश्‍नकर्ता हैं। मूल प्रश्‍नकर्ता को प्रिफरेंस। क्‍वेश्‍चन ऑवर में मूल प्रश्‍नकर्ता को प्रिफरेंस होता है। 

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ : मैं निश्चित तौर पर अध्‍यक्ष महोदय, भारत सरकार की प्रधान मंत्री सड़क योजना, जो अटल बिहारी बाजपेयी जी के नेतृत्‍व वाली सरकार ने प्रारम्‍भ की थी सन् 2000 में, उसके अंदर 2007 तक 500 तक की आबादी वाले गांवों को जोड़ने का हमने लक्ष्‍य रखा है और आज बार-बार प्रतिपक्ष के नेता कहते हैं भारत सरकार का योगदान है, जो पैसा आता है प्रधान सड़क योजना में, माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपको मालूम है कि जो पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाया गया था भारत सरकार ने, उसी सेस के पैसे से पूरे हिन्‍दुस्‍तान के अंदर यह सड़कें बन रही हें और इसके अंदर जो राज्‍य अच्‍छा परफोर्मेंस कर रहा हे उनको ज्‍यादा पैसा भी मिलता है। हमने 500 तक की आबादी के सारे प्रस्‍ताव 837 गांव जो राजस्‍थान के अंदर है, उनके प्रस्‍ताव हमने भारत सरकार को भेज दिये हैं और मुझे उम्‍मीद है कि जिस योजना का जिक्र यह कर रहे हैं उसके पांचवें चरण के अंदर पूरे हिन्‍दुस्‍तान में राजस्‍थान पहला राज्‍य है जो प्रवेश कर रहा है और यह स्‍वीकृति मिलने के बाद 500 तक की आबादी को गांवों से जोड़ देंगे। 

श्री अध्‍यक्ष: लेकिन अभी तक तो आपके 750 वाले भी नहीं जुड़े हैं।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: अध्‍यक्ष महोदय, 750 तक की आबादी की स्‍वीकृतियां जारी हो गयी हैं, अध्‍यक्ष महोदय, उनमें से अधिकतर काम चल भी रहे हैं और लगभग 1500 गांवों के काम चल रहे हैं और 750 की आबादी की स्‍वीकृति हमने जारी कर दी, उसके बाद 500 तक के प्रस्‍ताव भारत सरकार के पास विचाराधीन हैं।

श्री अध्‍यक्ष: यह 750 वाले कब तक जोड़ देंगे, यह बता दें आप तो ? इस फाइनेंशल ईयर में जोड़ देंगे ? इस फाइनेंशल ईयर में जुड़ जायेंगे क्‍या 2006-07 में?

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ : अध्‍यक्ष महोदय, 1566 गांवों की स्‍वीकृति 750 की हमें प्राप्‍त हुई थी, इनमें से 1187 गांवों में कार्य प्रगति पर है और यह सारे काम हम जून माह के अंदर 750 का हमारा लक्ष्‍य पूरा कर लेते हैं और उसके बाद 500 तक की आबादी के प्रस्‍ताव , मैं करेक्‍ट करना चाहूंगा 3780 गांवों के प्रस्‍ताव भेजे हैं जिनमें 1840 करोड़ रूपये का निवेश होगा, 10,777 कि.मी. सड़क बनायेंगे। यह प्रस्‍ताव भारत सरकार के पास विचाराधीन है और उनके लिये जो समिति बनी हुई है उसने उनको अनुमोदित भी कर दिया है। अब मंत्रालय से निकलते ही हम उस पर कार्यवाही प्रारम्‍भ कर देंगे।

श्री नन्‍दलाल पूनिया: अध्‍यक्ष महोदय, एक क्‍वेश्‍चन और करना चाहूंगा। मैं मंत्री महोदय से निवेदन करना चाहूंगा कि आप अपने संसाधनों से पी.एम.जी.एस.वाई.की बात छोडि़ये, उसमें आप अव्‍वल आये, उसके लिये धन्‍यवाद। लेकिन आप अपने बजट से, अपने संसाधनों से इस मिसिंग लिंक रोड को जोड़ने की इच्‍छा है कि नहीं?

श्री अध्‍यक्ष: बता दिया न उन्‍होंने, आबादी बता दी न। आबादी के हिसाब से जोड़ रहे हैं। नैक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन बहादुर सिंह गोदारा।

 

राजकीय चिकित्‍सालय थिरानी नोहर में चिकित्‍सकों के रिक्‍त पद

 

62. श्री बहादुर सिंह गोदारा (नोहर) : क्‍या चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे

(1) क्‍या सरकार विधान सभा क्षेत्र नोहर के राजकीय चिकित्‍सालय थिरानी में चिकित्‍सक एवं महिला चिकित्‍सक के रिक्‍त पदों की पूर्ति करने का विचार रखती है? यदि हां, तो कब तक?

(2) क्‍या सरकार ग्रामीण जनता को स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं देने के लिये हर पंचायत हैड क्‍वार्टर पर स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने का विचार रखती हे? यदि हां, तो कब तक व नहीं, तो क्‍यों?

चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री (श्री भवानी जोशी): (1) जी हां। सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र (थिरानी चिकित्‍सालय) नोहर में वर्तमान में एक पद कनिष्‍ठ विशेषज्ञ (स्‍त्रीरोग) का रिक्‍त है जिसे 30.6.2006 से पूर्व भर दिया जावेगा।

(2) ग्रामीण क्षेत्र में भारत सरकार के द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड के अनुसार 5000 की ग्रामीण जनसंख्‍या पर सामान्‍य क्षेत्र में तथा 3000 की ग्रामीण जनसंख्‍या पर जनजाति एवं रेगिस्‍तानी क्षेत्र में एक उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले जाने का प्रावधान है। उक्‍त मापदण्‍डों के अनुसार ही ग्रामीण क्षेत्र में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍वीकृत किये जाने का प्रावधान है। पंचायत मुख्‍यालय पर उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने के अलग से मापदण्‍ड निर्धारित नहीं हैं।

 

msr/usc/20032006/1110/1b

 

श्री बहादुर सिंह गोदारा (नोहर): मंत्री महोदय से मैं पूछना चाहूंगा कि नोहर से यह स्‍थान बहुत अर्से से रिक्‍त पडा है, वहां बड़ी परेशानी हो रही है क्‍या आप 30.06 से पहले इसको भरने की इच्‍छा रखते हैं?

दूसरा मेरा आपसे निवेदन है कि ज्‍यादातर पंचायत हैडक्‍वार्टर की जनसंख्‍या तीन हजार से ऊपर है तो फिर आप पंचायत हैडक्‍वार्टर पर उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोलने का इरादा क्‍यों नहीं रखते?

श्री भवानी जोशी (राज्‍य मंत्री, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य): अध्‍यक्ष महोदय, विभागीय पदोन्‍नति के कारण यह पद भर जाना है इसलिए 30.06 के पूर्व भरने का मैंने आश्‍वासन दिया है कि 30.06.06 से पूर्व भर दिया जायेगा। भारत सरकार के जो निर्धारित मापदण्‍ड है उन्‍हीं के अनुसार से उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले जाने का प्रावधान है।

श्री बहादुर सिंह गोदारा (नोहर): क्‍या आपका अपना कोई मापदण्‍ड नहीं है? केवल भारत सरकार के ही मापदण्‍ड हैं क्‍या? आप अपने मापदण्‍ड के अनुसार, तीन हजार की जनसंख्‍या के हमारे यहां बहुतसे गांव ऐसे पड़े हैं जिनकी तीन हजार जनसंख्‍या है लेकिन वहां कोई उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र नहीं है, क्‍या आप अपने संसाधनों से खोलने का इरादा रखते हैं?

श्री भवानी जोशी (राज्‍य मंत्री, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य): अध्‍यक्ष महोदय, जो भारत सरकार ने नियम बनाये हैं उसकी राज्‍य सरकार को पालना करना आवश्‍यक है और हनुमानगढ़ जिले में 150 शैय्या चुक्‍त जिला चिकित्‍सालय में सिटी डिस्‍पेन्‍सरी, हनुमानगढ़ जंक्‍शान में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कनोलकर और उसके आस-पास जो भी है वह सभी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र 50 शैय्याओं के हैं।

श्री हेमराज मीणा (किशनगंज): मंत्रीजी, माननीय सदस्‍य तो इतनासा पूछ रहे हैं कि राज्‍य सरकार की भी कोई हास्पिटल खोलने की गाइड लाइन है क्‍या? भारत सरकार की तो आप पढ़ कर सुना रहे हैं, माननीय सदस्‍य कह रहे हैं कि आपकी भी कोई गाइड लाइन है क्‍या? इतनासा सवाल है और आप केन्‍द्र सरकार की पढ़ कर सुना रहे हैं।

श्री भवानी जोशी (राज्‍य मंत्री, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य): मैं आपको बता रहा हूं कि भारत सरकार के जो नियम हैं उनकी पालना राज्‍य सरकार को करनी है और उसके नियमों के आधार पर ही उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले जायेंगे।

श्री सुभाष चन्‍द्र शर्मा (कोटपूतली): भारत सरकार के नियमों की पालना के लिए तो राज्‍य सरकार है लेकिन क्‍या ग्रामीण जनता जहां तीन-तीन हजार की आबादी में है उनके  पास चिकित्‍सा सुविधा नहीं है तो क्‍या राज्‍य सरकार भी कुछ करना चाहती है कि नहीं? ...(व्‍यवधान)... 

श्री हेमराज मीणा (किशनगंज): लेकिन क्‍या राज्‍य सरकार की भी कोई चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था कहीं है क्‍या? क्‍या राज्‍य सरकार का भी प्रावधान है क्‍या कि कहीं गांव में हास्पिटल खोले जायेंगे और कोई केन्‍द्र सरकार की गाइड लाइन में नहीं आ रहा और राज्‍य सरकार को भी यह सोचना है क्‍या कि किस गांव में चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था करनी है?

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, मंत्रीजी ने कहा बिलकुल सही है कि केन्‍द्र सरकार की गाइड लाइन के हिसाब से ही सब-सेन्‍टर्स खुलते हैं। पाँच हजार की पापुलेशन पर हमारे जो प्‍लेन एरिया हैं उसमें पाँच जहार की जनसंख्‍या पर एक सब-सेन्‍टर और जो हमारा डिफिकल्‍ट एरिया, डेजर्ट है या ट्राइबल एरिया है उसमें तीन हजार की पापुलेशन पर एक कसब-सेन्‍टर है और मेरे ख्‍याल से पाँच हजार की पापुलेशन  एक ग्राम पंचायत की एवरेज जो पापुलेशन आज हमारे राजस्‍थान में है वह पाँच हजार के करीब ही है और हर ग्राम पंचायत में एक उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र आज की तारीख में करीब-करीब मौजूद है अगर किसी माननीय सदस्‍य के पंचायत में...

श्री निर्भय लाल (रूपवास): मंत्रीजी, नहीं है।

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): एक मिनट, सुनिये प्‍लीज।

श्री अध्‍यक्ष: बीच में नहीं बोलें।

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): आप मेरी बात सुन लीजिए।

अगर माननीय सदस्‍य के या किसी भी माननीय सदस्‍य की एक भी ग्राम पंचायत ऐसी बची हुई है जिसमें उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पूरे पंचायत क्षेत्र में नहीं है तो मैं सदन में आपको आश्‍वस्‍‍त करना चाहता हूं उसमें प्राथमिकता के आधार पर हम उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोल देंगे।

श्री प्रद्युम्‍न सिंह (राजाखेड़ा): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपकी इजाजत से पूछना चाहता हूं। आपने कहा कि भारत सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक ही सब-सेन्‍टर्स खोले जाते हैं।

श्री अध्‍यक्ष: लिस्‍ट दे देना कोई आपकी हो तो।

श्री प्रद्युम्‍न सिंह (राजाखेड़ा): नहीं, मुझे कोई लिस्‍ट नहीं देनी।

श्री अध्‍यक्ष: नहीं, आप बोलो, बोलो। हर पंचायत क्षेत्र में एक।

श्री प्रद्युम्‍न सिंह (राजाखेड़ा): मैं यह पूछ रहा था आपसे, आप भारत सरकार की गाइड लाइन मिलने के लिए, फॉलो करने के लिए इसलिए बाध्‍य हैं कि सारा पैसा सब-सेन्‍टर्स का आपको भारत सरकार से प्राप्‍त होता है। नम्‍बर एक।

नम्‍बर दो, अगर आप अपने बजट से कुछ प्रावधान कर सकें नये सब-सेन्‍टर्स खोलने का तो यह जो समस्‍या आ रही है माननीय सदस्‍यों ने कहा, इसको शीघ्र दूर किया जा सकेगा।

श्री अध्‍यक्ष: ठीक है, ठीक है।

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): नहीं, माननीय सदस्‍य, मैं इस चीज को छेड़ना नहीं चाहता था पर आप इतने अनुभवी और इस सदन के बहुत पुराने सदस्‍यों में से हैं, मुझे बहुत अफसोस है कि पाँच वर्ष में जब आप सत्‍ता में थे ...

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): और वित्‍त मंत्री थे।

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): और वित्‍त मंत्री थे लेकिन केवल 75 सब-सेन्‍टर्स पूरे राजस्‍थान में आपने खोले पाँच साल में और हमने, अध्‍यक्ष महोदय, पाँच साल के अन्‍दर इनके 75 सब-सेन्‍टर्स की जगह दो साल में 586 सब-सेन्‍टर्स खोले हैं।

श्री प्रद्युम्‍न सिंह (राजाखेड़ा): अध्‍यक्ष महोदय, मैंने सवाल दूसरा पूछा है इसमें, यह कह रहे हैं, क्‍या हमने खोले तो आप कौनसा निहाल कर रहे हो।

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): 586 सब-सेन्‍टर्स अपने आप में एक रिकार्ड है और सदन में आश्‍वासन दिया है। 586 सब-सेन्‍टर्स दो वर्ष के अन्‍दर हमने खोले हैं और, अध्‍यक्ष महोदय, मैंने आश्‍वासन यह भी दिया है सदन में कि अगर किसी ग्राम पंचायत में चाहे कोई भी माननीय सदस्‍य हो, उनकी एक भी पंचायत ऐसी बची हुई है जिसमें उप-स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र नहीं है तो मैं आपको यह आश्‍वासन देना चाहता हूं कि प्राथमिकता के आधार पर उसमें सबसे पहले यह सब-सेन्‍टर ...(व्‍यवधान)...

श्री निर्भय लाल (रूपवास): दायना ग्राम पंचायत एक ऐसी ग्राम पंचायत है, आपके पड़ोसी ग्राम पंचायत है।

श्री अध्‍यक्ष: आप लिख कर दे दीजियेगा, जिसके क्षेत्र में नहीं हो वह लिख कर दे दे उन्‍हें, उन्‍होंने आश्‍वस्‍त कर दिया है।

श्री रामनारायण चौधरी (नेता, प्रतिपक्ष): माननीय सदस्‍य ने यह जानना चाहा कि क्‍या यह सही है कि सारा बजट भारत सरकार का, पूरा 100 प्रतिशत भारत सरकार का आता है इसलिएउनकी गाइड लाइन मानने के लिए आप बाध्‍य हैं।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): भारत सरकार के पास कहां से आता है पैसा?

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): प्रतिपक्ष के नेता महोदय, भारत सरकार के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे तब कितना गेहूं दिया था और आज आपने कितना गेहूं दिया अकाल राहत में?

श्री अध्‍यक्ष: क्‍या कर रहे हो आप ...(व्‍यवधान)...

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): ए.पी.एल.के आपने बंद कर दिये, बी.पी.एल. का आपने आधा कर दिया।

श्री अध्‍यक्ष: नैक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन, श्री धर्मपाल चौधरी का स्‍थगित किया जाता है।

 

जिला अलवर की कस्‍टोडियन भूमि के गैर खातेदारों को जारी पट्टे

 

63. श्री धर्मपाल चौधरी (मुण्‍डावर): क्‍या राजस्‍व मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे:-

(1) जिला अलवर में कस्‍टोडियन भूमि कितनी है? सूची सदन की मेज पर रखें।

(2) वर्ष 2004 से पूर्व सरकार द्वारा कस्‍टोडियन भूमि के पट्टे किस दर पर जारी किये गये और उसके बाद क्‍या दर तय की गई? विवरण सदन की मेज पर रखें।

(3) सरकार द्वारा नई दर तय करने के बाद कितने किसानों ने कस्‍टोडियन भूमि पर गैर खातेदार के रूप में कब्‍जाधारी होने के बाद नई दर से पट्टे जारी करवाये? सूची सदन की मेज पर रखें।

श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): और भारत सरकार का खजाना भी सारे राज्‍य सरकारों से ही भरता है, भारत सरकार कोई अलग मानते हो क्‍या? 

श्री अध्‍यक्ष: नो, नौ। माननीय सदस्‍य, स्‍थान ग्रहण कर लें।

नैक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन, श्री धर्मपाल चौधरी, स्‍थगित किया जा रहा है, नैक्‍स्‍ट टर्न पर जवाब मिलेगा अब आपका। ...(व्‍यवधान)...

श्री प्रद्युम्‍न सिंह (राजाखेड़ा): मैंने जो सवाल पूछा था उसको तो टालने की चेष्‍टा की जा रही है, उसका तो उत्‍तर दें, बड़ा साधारणसा सवाल था कि आप उनकी गाइड लाइन मानने के लिए किसलिए मजबूर हो, नम्‍बर एक। और अगर आप पैसा प्राप्‍त होता है तो कुछ आप अपने स्‍वयं के बजट में से प्रावधान कर के क्‍या नये सब-सेन्‍टर्स खोलना चाहते हैं? बड़ा साधारणसा सवाल था, उसका भी जवाब नहीं देना चाहते यह।

श्री अध्‍यक्ष: जैसी आपकी मजबूरी  थी वैसी उनकी भी होगी। जैसी मजबूरी आपकी थी वैसी ही उनकी है। ...(व्‍यवधान)...

श्री निर्भय लाल (रूपवास): अध्‍यक्ष महोदय, ऐसा नहीं है, अब तो गाइड लाइन दे रही है केन्‍द्र सरकार और पैसा दे रही है।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): इन्‍होंने कुछ किया ही नहीं वहां बैठे रहे कुण्‍डली मार कर और जो पैसा आया वह भी खर्च नहीं किया।

श्री अध्‍यक्ष: अगला प्रश्‍न श्री धर्मपाल चौधरी का स्‍थगित है, नैक्‍स्‍ट टर्न पर जवाब मिलेगा आपको। श्री लक्ष्‍मीनाराण बैरवा।

श्री धर्मपाल चौधरी (मुण्‍डावर): अध्‍यक्ष महोदय, यह पहले भी लगा था ...(व्‍यवधान)...

श्री प्रद्युम्‍न सिंह (राजाखेड़ा): आप तो काले सांप की तरह कुण्‍डली मार कर बैठे हुए हो।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आप तो काले सांप क्‍या अजगर की तरह बैठे रहे ...(व्‍यवधान)... और देखते रहे पैसे को।

श्री अध्‍यक्ष: श्री लक्ष्‍मीनारायण बैरवा।

श्री धर्मपाल चौधरी (मुण्‍डावर): अध्‍यक्ष महोदय, यह राजस्‍व विभाग देख रहा है।

डा. दिगम्‍बर सिंह (चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय। ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: मैंने नैक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन पुकार लिया, अब आप क्‍यों उठ रहे हैं? श्री लक्ष्‍मीनारायण बैरवा।

श्री धर्मपाल चौधरी (मुण्‍डावर): अध्‍यक्ष महोदय, मेरा यह प्रश्‍न से पहले गंगानगर से हैं, इनका भी पुनर्वास को भेज दिया था, इसमें सारा काम राजस्‍व विभाग देखने लग रहा है, कस्‍टोडीयन भूमि के मामले में राजस्‍व विभाग ने ही...

श्री अध्‍यक्ष: मैंने आपसे निवेदन किया है कि यह प्रश्‍न स्‍थगित है, नैक्‍स्‍ट टर्न पर इसका जवाब आ जायेगा। यह आपको मैंने कह तो दिया।

श्री धर्मपाल चौधरी (मुण्‍डावर): नहीं, गंगानगर में, उससे पहले इन्‍होंने लगाया था वह आ जायेगा, जब जवाब आने से मतलब...

श्री अध्‍यक्ष: सरकार की तरफ से जब तक जवाब नहीं आता है जब तक आसन को स्‍थगित करना पड़ता है।

श्री धर्मपाल चौधरी (मुण्‍डावर): पुनर्वास में जाता ही नहीं, राजस्‍व में है।

श्री अध्‍यक्ष: नैक्‍स्‍ट टर्न में जब इन मंत्रीजी की नैक्‍स्‍ट टर्न होगी तो आपको इसका प्रश्‍न काक जवाब मिल जायेगा। श्री लक्ष्‍मीनारायण बैरवा।

 

ग्राम डौलीका (दौसा) में आवासीय विद्यालय

 

64. श्री लक्ष्‍मीनारायण बैरवा (फागी) (श्री रामकिशोर मीणा (सिकराय) के स्‍थान पर): क्‍या जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे:-

(1) क्‍या यह सही है कि सरकार द्वारा गत वर्ष आदिवासी/जनजाति बाहुल्‍य इलाकों में आवासीय विद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी? यदि हां, तो किन-किन स्‍थानों पर आवासीय विद्यालय स्‍वीकृत हुए? सूची सदन की मेज पर रखें।

(2) क्‍या यह सही है कि विधान सभा क्षेत्र, सिकराय के ग्राम डौलीका के जन-प्रतिनिधियों से डौलीका में आवासीय विद्यालय खोलने हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं? यदि हां, तो सरकार द्वारा इस क्षेत्र में आवासीय विद्यालय कब तक खोल दिया जायेगा?

श्री कनकमल कटारा (जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री): (1) जी हां। गत वर्ष सरकार द्वारा किशनगंज तहसील में आवासीय विद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी। जिसके निर्माण की स्‍वीकृति गत वर्ष जारी की जा चुकी है।

(2) जी हां। माननीय विधायक, सिकराय विधान सभा क्षेत्र द्वारा डौलीका में आवासीय विद्यालय खोलने के प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त हुई हैं।

आवासीय विद्यालयों के निर्माण की स्‍वीकृति एवं राशि भारत सरकार से प्राप्‍त होने के पश्‍चात प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर निर्णय लिया जायेगा।

श्री लक्ष्‍मीनारायण बैरवा (फागी): अध्‍यक्ष महोदय, आपके माध्‍यम से माननीय मंत्री महोदय से पूछना चाहता हूं कि आवासीय विद्यालय खोलने के लिए भारत सरकार से कितने प्रतिशत राशि प्राप्‍त होती है और उसमें कितनी प्रतिशत राज्‍य सरकार की राशि लगती है और क्‍या भारत सरकार की राशि नहीं आने पर भी राज्‍य सरकार कोई विद्यालय खोलने का विचार रखती है? यदि हां, तो कब तक?

श्री कनकमल कटारा (जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, इसके भवन निर्माण की पूरी राशि आवासीय विद्यालय की भारत सरकार से प्राप्‍त होती है, उसकी स्‍वीकृति भी भारत सरकार से ही प्राप्‍त होती है इसलिए जब प्रस्‍ताव किये जाते हैं, स्‍वीकृति आने के बाद में ही उसका निर्माण किया जा सकेगा।

श्री अध्‍यक्ष: नैक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन। श्री गोविन्‍दराम मेघवाल।

 

ग्राम नापासर, खाजूवाला व लूणकरणसर (बीकानेर) में नगरपालिका

 

65. श्री गोविन्‍द राम मेघवाल (नोखा): क्‍या स्‍वायत्‍त शासन मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे:-

क्‍या सरकार नापासर, खाजूवाला व लूणकरणसर पंचायतों को नगरपालिका बनाने का विचार रखती है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): पंचायत नापासर व लूणकरणसर को नगर पालिका बनाये जाने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है। प्रकरण के सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है, परीक्षणोंपरान्‍त नियमानुसार समुचित निर्णय लिया जायेगा। पंचायत खाजूवाला को नगर पालिका में परिवर्तित करने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। इस संदर्भ में जिला कलेक्‍टर से क्षेत्र की जनसंख्‍या के घनत्‍व, प्रति व्‍यक्ति आय, राजस्‍व की उपलब्‍धता, क्षेत्र की आर्थिक एवं भौगोलिक स्थिति के सम्‍बन्‍ध में सूचना चाही गई है।

 

Ars/usc/1c/1120/20032006/1

 

श्री गोविन्‍द राम मेघवाल (नोखा): इस सम्‍बन्‍ध में मेरा निवेदन है कि खाजुवाला को भी आप जल्‍द से जल्‍द म्‍युनिसिपैलिटी में परिवर्तित करने का कष्‍ट करें। यह मेरी मांग है इसमें।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह जितनी भी नगरपालिकाएं अपग्रेड, नई बनती हैं उनका कोई प्रोवीजन है। इसके मामले में एक तो नगरपालिका जहां बनाई जाती है उसकी कम से कम खुद की रेवेन्‍यू चालीस लाख रुपया प्रतिवर्ष अगर वह इन्‍कम कर लेते हैं तो उनको नगरपालिका में क्रमोन्‍नत किया जा सकता है। इसके अलावा उसकी पापुलेशन छितरी हुई नहीं होनी चाहिए।

श्री अध्‍यक्ष: वह तो आपने बता दिया जवाब में।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): यह नार्म्‍स में आएगा तब ही खुलेगा ना। नार्म्‍स में नहीं आता है इसलिए अभी खोलने का विचार नहीं है बनाने का विचार नहीं है।

श्री अध्‍यक्ष: आपने कहा है,सूचना चाही गई है। इन सबके बारे में, जनसंख्‍या के घनत्‍व, प्रति व्‍यक्ति आय, राजस्‍व की उपलब्‍धता, क्षेत्र की आर्थिक और भौगोलिक स्थिति इस बारे में आप बनाते हैं और उसकी सूचना चाही है तो वह सूचना आपको प्राप्‍त ही नहीं हुई अब तक।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): सूचना के लिए कलैक्‍टर को हमने चिट्ठी लिख दी है।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): ...(व्‍यवधान) अध्‍यक्ष महोदय, कलैक्‍टर साहब ने आपको अभी तक सूचना नहीं भेजी है ...(व्‍यवधान)

 श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, यह कितनी जानकारी लेंगे ?

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): कलैक्‍टर सुनते ही नहीं हैं ...(व्‍यवधान) आपकी तो इस मामले में कलैक्‍टर सुनते ही नहीं हैं ...(व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): किस किस से जवाब ...(व्‍यवधान)

श्रीमती ममता शर्मा (बूंदी): आप क्‍यों खड़े होते हैं वह सक्षम नहीं हैं क्‍या जवाब देने में यह बताइये ?

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): मैं सक्षम हूं भाईसाहब आप तो विराजो।

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल (लूणकरणसर): अध्‍यक्ष महोदय, मेरा आपके माध्‍यम से माननीय मंत्री महोदय से यह प्रश्‍न है ...(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: आपस में बात नहीं करें।

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल (लूणकरणसर): अध्‍यक्ष महोदय, मेरे विधान सभा क्षेत्र से संबंधित है। मैं आपकी आज्ञा से माननीय मंत्री महोदय से एक प्रश्‍न करना चाहता हूं। आपने मंत्री महोदय जो इसमें अभी जानकारी में फरमाया कि जनसंख्‍या का घनत्‍व यह आधार इसका है। क्‍या यह सही है कि वर्तमान की ग्राम पंचायत नापासर पूर्व की नगरपालिका थी, यदि हां, तो कब और अगर वह नगरपालिका से ग्राम पंचायत में परिवर्तित की गयी तो कब और क्‍यों? अब उनको पुन: नगरपालिका में परिवर्तित करने का क्‍या कारण है ?

श्री अध्‍यक्ष: यह अलग से प्रश्‍न है आपका।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, वैसे माननीय सदस्‍य ने जो पूछे हैं वह अलग से प्रश्‍न हैं।

श्री अध्‍यक्ष: यह अलग से प्रश्‍न है उनका।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): आप मेरे से मिल लेना, मैं इसकी पूरी जानकारी से अवगत करा दूंगा

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल (लूणकरणसर): अध्‍यक्ष महोदय, यह उसी स्‍थान से संबधित है।

श्री अध्‍यक्ष: अलग से प्रश्‍न है। आप तो केवल इतना बता दें उस सूचना के लिए समय दिया है क्‍या कि पाँच महीने में, छह महीने में इन बातों का जवाब दें।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): मैं बता तो रहा हूं आपको।

श्री अध्‍यक्ष: बहुत है फिर।

श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्‍य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): ग्राम पंचायत, नापासर, खाजूवाला एवं लूणकरणसर के सम्‍बन्‍ध्‍ं में उपरोक्‍त बिन्‍दुओं के प्रस्‍ताव भिजवाने हेतु जिला कलैक्‍टर बीकानेर को विभाग के पत्र क्रमांक 251 दिनांक 27.2006 को लिखा गया है।

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल (लूणकरणसर): अध्‍यक्ष महोदय, यह उसी से संबंधित प्रश्‍न है जिस स्‍थान का नापासर का आप जवाब दे रहे हैं। मंत्री महोदय, मैं उसी संबंध में पूछ रहा हूं कि जब आज उसको नगरपालिका में पुन: परिवर्तित किया जा रहा है तो पूर्व में वह थी यह भी एक ...

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, बनाए जाने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है यह सूचनाएं जिस दिन आ जाएंगी उस दिन देखा जाएगा क्‍या करेंगे क्‍या नहीं करेंगे सूचना आने दीजिए।

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल (लूणकरणसर): इसकी कोई समय सीमा तो निश्चित हो जाए कि कब तक यह प्रस्‍ताव आ जायेंगे।

श्री सुभाष चन्‍द्र शर्मा (कोटपूतली): मैं माननीय मंत्री जी से यह जानना चाहता हूं कि जिन ग्राम पंचायतों की जनसंख्‍या घनत्‍व ज्‍यादा है तो क्‍या राज्‍य सरकार संसाधनों की सुनिश्चितता उपलब्‍ध करते हुए उन ग्राम पंचायतों को नगरपालिका बनाने का विचार रखती है ?

 

प्रश्‍न संख्‍या 66

श्री अध्‍यक्ष: श्री गोपाल बाहेती। (अनुपस्थित)

(अनुपस्थित, कृपया आगे देखें)

प्रश्‍न संख्‍या- 67

श्री केसर देव बाबर। (अनुपस्थित)

(अनुपस्थित, कृपया आगे देखें)

श्री हेमराज मीणा।

आई.डी.पी.योजनान्‍तर्गत लेप्रोस्‍कोप खरीद प्रकरण

 

68. श्री हेमराज मीणा( किशनगंज) : क्‍या चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री यह बताने की कृपा करेंग :-

(1).क्‍या यह सही है कि सरकार द्वारा वर्ष 2002 में लेप्रोस्‍कोप की खरीद की गई थी? यदि हां, तो कितनी राशि की?

(2). क्‍या यह भी सही है कि इस खरीद में महालेखाकार की आडिट रिपोर्ट में दो करोड़ रुपयों का घोटाला बताया गया है ?

(3) क्‍या यह भी सही है कि आई पीडी योजना के तहत नवम्‍बर, 2002 में दो करोड़ छह लाख रुपये की लेप्रोस्‍कोप की खरीद की गई जबकि आई पी डी प्रोजक्‍ट में इस खरीद हेतु कोई प्रावधान नहीं था ? यदि हां, तो उपरोक्‍त खरीद में किस किस अधिकारी द्वारा कितनी कितनी राशि की किसके आदेश से खरीद की गई ?

(4) सरकार इसके लिए किस किस अधिकारी को दोषी मानती है एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करने का विचार रखती है ? यदि नहीं, तो क्‍यों ?

श्री भवानी जोशी (राज्‍य मंत्री, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य): जी हां। वर्ष 2002 में आई पी डी परियोजना में 100 सिंगल पंक्‍चर लैप्रोस्‍कोप क्रय किए गए थे जिनकी कुल लागत राशि रुपए 2.06 करोड़ थी। जिसके विरूद्ध रुपए 1,89,78,300 का भुगतान किया गया है।

(2) जी नहीं।

(3) जी नहीं। आई पी डी परियोजना के तहत रूपए 1,89,78,300 राशि के सिंगल पंक्‍चर लेप्रोस्‍कोप की खरीद की गई तथा इस हेतु बजट में रुपए 2.70 करोड़ का प्रावधान था।

(4) मामला भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो में प्रक्रियान्‍तर्गत है।

श्री हेमराज मीणा (किशनगंज): अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से पूछना चाहूंगा मन्‍त्री जी से क्‍या यह सही है कि महालेखाकार की रिपोर्ट जब प्रकाशित हुई उसके अन्‍तर्गत आई पी डी योजना के अन्‍तर्गत दो करोड़ का घोटाला पाया गया? उस दो करोड़ के घोटाले के अन्‍तर्गत एंटीकरप्‍शन को जांच दी गई ? मैं यह जानकारी चाहूंगा मंत्री जी से कि यह घोटाला होने के बाद भी मंत्री जी नकार रहे हैं कि जी नहीं, मैं यह जानकारी चाह रहा हूं माननीय मंत्री जी से आपके मार्फत कि यह घोटाला किन किन लोगों ने किया, कौन कौन लोग इसमें शामिल हैं ? कौनसे समय का घोटाला है और कौन कौन से सेक्रेटरी और कौन कौन से डायरेक्‍टर इसमें शामिल हैं ? अध्‍यक्ष महोदय, मैं यह भी जानना चाहूंगी कि आई डी पी योजना किन किन जिलों में लागू की गई थी ?

श्री अध्‍यक्ष: मामला भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो के अधीन है इसलिए रिपोर्ट बिना क्‍या बतायेंगे।

श्री हेमराज मीणा (किशनगंज):  अध्‍यक्ष महोदय, जिस हिसाब से रिपोर्ट प्रकाशित हुई है उस हिसाब से राज्‍य सरकार ने क्‍या कार्यवाही की ? क्‍या यह सही है कि आई पी डी योजनान्‍तर्गत लेप्रोस्‍कोपी खरीदने का प्रावधान नहीं था ?जैसा आडिट रिपोर्ट में है उसके बाद भी अधिकारियों ने, चिकित्‍सा विभाग के अधिकारियों ने, डायरेक्‍टर ने, सेक्रेटरी ने फाइनैंस के लोगों ने परमिशन देके के लेप्रोस्‍कोपी के सामान खरीदे गये जबकि उस योजनान्‍तर्गत यह सामान खरीदने का प्रावधान ही नहीं था। अध्‍यक्ष महोदय, यहां यह भी बात प्रकाशित हुई है कि लेप्रोस्‍कोपी के सामान खरीदे गये ...

श्री अध्‍यक्ष: अब आप भाषण दे रहे हो प्रश्‍न तो पूछ नहीं रहे हो।

श्री हेमराज मीणा (किशनगंज): पूछ रहा हूं ना। क्‍या यह सही है कि आई पी डी योजनान्‍तर्गत लेप्रोस्‍कोपी खरीदने का कोई प्रावधान नहीं था फिर भी क्‍यों खरीदे गये? क्‍या यह भी सही है लेप्रोस्‍कोप खरीदने के लिए बिना मांग, बिना निविदा के सामान खरीदे गये और ऐसी फर्म को ठेका दिया गया जिस फर्म के पास लेप्रोस्‍कोप बनाने का कोई निर्माण का काम करने का कोई कारखाना नहीं था ? क्‍या यह सही है महालेखाकार की आडिट रिपोर्ट के बाद क्‍या कार्यवाही राज्‍य सरकार ने की ? लेप्रोस्‍कोपी जांच के लिए जनाना अस्‍पताल में उसकी जांच कराई गई, अध्‍यक्ष महोदय, यह भी बात सामने आई है उस आडिट रिपोर्ट में कि जनाना अस्‍पताल में उसकी जांच की गई और जो लेप्रोस्‍कोपी के सामान खरीदे गये बहुत घटिया सामान हैं और जानलेवा पाये गये, यह रिपोर्ट भी अध्‍यक्ष महोदय, सरकार के सामने है। अब यह बात सही है कि आडिट रिपोर्ट आने के बाद एंटी करप्‍शन को दे दिया गया है।

श्री अध्‍यक्ष:  आप फिर भाषण दे रहे हो।

श्री हेमराज मीणा (किशनगंज):  लेकिन राज्‍य सरकार ने इसमें क्‍या कार्यवाही की? मैं यह जानना चाहता हूं मंत्री जी से।

श्री भवानी जोशी (राज्‍य मंत्री, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, सारा मामला भ्रष्‍टाचार निरोधक विभाग में प्रक्रियान्‍तर्गत है वहां से जब उसके बारे में कार्यवाही की पूर्ण जानकारी प्राप्‍त हो जाएगी, जो भी दोषी लोग हैं उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

प्रश्‍न संख्‍या 69

श्री अध्‍यक्ष: श्री रामनारायण मीणा। (अनुपस्थित)

(अनुपस्थित, कृपया आगे देखें)

श्री संयम लोढ़ा।

 

जिला सिरोही में निश्चित मानदेय पर कार्यरत

महिलाओं का मानदेय भुगतान

70. श्री संयम लोढ़ा(सिरोही): क्‍या महिला एवं बाल विकास मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे:-

(1). महिला एवं बाल विकास कार्यालय सिरोही का जिले में प्रशासनिक तंत्र क्‍या है? विवरण सदन की मेज पर रखें।

(2) निश्चित मानदेय पर कार्य करने वाली महिलाओं को वर्ष 2005 का मानदेय किस किस तिथि को प्रदान किया गया ? प्रत्‍येक स्‍तर का विवरण माहवार, तिथिवार सदन की मेज पर रखें।

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री)L1) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सिरोही जिले में जिला स्‍तर पर उप निदेशक (आईसीडीएस) एवं पदेन परियोजना निदेशक, जिला महिला विकास अभिकरण का कार्यालय स्‍थापित है। जिले की सभी पाँच पंचायत समितियों में बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय स्‍थापित हैं। इसके अतिरिक्‍त जिले में शहरी क्षेत्र की परियोजना आबू रोड इसी वर्ष स्‍थापित की गई है। इनका विवरण परिशिष्‍ठ एक पर संलग्‍न है।

(2) विभाग में मानदेय पर कार्य करने वाली आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, सहयोगिनी एवं साथिन को माहवार भुगतानका ब्‍यौरा परिशिष्‍ठ दो पर संलग्‍न है।

 

Vns/usc/1130/1d/20.3.2006

 

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से माननीय मंत्रीजी से यह जानना चाहता हूं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सहयोगिनी के मानदेय का तो आपने हर महीने का भुगतान दो या तीन महीने डिले किया है और जो साथिनों का भुगतान है वह सिरोही तहसील में 6 महीने का बाकी है, आबूरोड़ तहसील का 6 महीने का बाकी है, रेवदर तहसील का 6 महीने का बाकी है, पिंड़वाड़ा का 6 महीने का बाकी है और शिवगंज का 6 महीने का बाकी है। जनवरी का भुगतान भी आपने इसी तरह से पहले 6-6 महीने बाद किये हैं। यह जो साथिनों के भुगतान का डिले है इसके क्‍या कारण हैं और इसमें कौन जिम्‍मेदार है ?

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, यह भुगतान देरी का कारण माननीय सदस्‍य ने पूछा है उसमें सिरोही में डी.डी. कार्यालय में श्रीमती कमला जवाहर लम्‍बे समय से बीमार चल रही थीं और 26 सितम्‍बर, 2005 से 16.3 तक अवकाश पर रहीं इसके बाद चार्ज एस.डी.एम. को दिया गया और उसके बाद भी हमने जो विभागीय कार्यवाही की है उसमें दिनांक 10.8.05 को भी हमने लिखा, दिनांक 13.1.06 को लिखा और दिनांक 3.3.06 को भी लिखा और यह भी निर्देशित किया है कि भुगतान अविलम्‍ब कर हमें सूचित करें और यह लिखा है कि जो देरी हुई है उसमें संबंधित कर्मचारी जिसने भी लापरवाही बरती है उसके खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के लिये भी लिखा है।

श्री अध्‍यक्ष: लिखा किसको आपने ? किसको लिखा ? किसको लिखा आपने ?

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): सिरोही तहसील में हमने इस बात को लिखा है कि इसका भुगतान परियोजना अधिकारी सिरोही और उसके साथ ही हमने निर्देश भी दिया है कि जल्‍दी से जल्‍दी इसका, लेकिन इसका कारण यही रहा कि कमला जवाहर जो बीमार थीं और उनका निधन हो गया जिसके कारण से हम परेशानी में आये हैं और मैं सोच रहा हूं कि बहुत ही जल्‍दी जनवरी माह तक इसका भुगतान, वह जो आपने बताया मार्च का, यानि भुगतान..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: आप जवाब सुन लो उनका, खड़े क्‍यों हो गये ?

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): साथिनों का जो 17.2 तक तो हमारा भुगतान किया जा चुका है और उसके साथ ही यह भुगतान जो कार्यालय से ही किया जाता है वहां और उसके कारण से हमने बार-बार तीन बार लिखा भी है। जल्‍दी ही फरवरी और मार्च का भुगतान भी हम अविलम्‍ब करवायेंगे।

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, माननीय मंत्रीजी सदन को बहुत गुमराह कर रहे हैं। साथिनों के भुगतान के बारें में उन्‍होंने खुद ने बहुत स्‍पष्‍ट जवाब दिया है और बकाया अ‍वधि बतायी है जुलाई, 05 से जनवरी, 06 तक यह सिरोही ब्‍लाक का है। शिवगंज ब्‍लाक में अगस्‍त, 2005 से जनवरी, 2006 तक, रेवदर ब्‍लाक का अगस्त, 05 से जनवरी, 06 तक, 6-6 महीने का साथिनों का भुगतान बाकी है और जिस अधिकारी का आप जिक्र कर रहे हैं उनको ब्रेन ट्यूमर हुआ है। विधान सभा में हमने प्रश्‍न लगा दिया, सरकार की जानकारी में सब बातें आ गयीं उसके बाद भी यह संवेदनहीनता की पराकाष्‍ठा है। मैं यह निवेदन करना चाहता हूं आपसे किस बात के महिला सशक्‍तीकरण के आप दावे करते हो ? साथिनों का भुगतान नहीं रक सके आप 6-6 महीने तक..(व्‍यवधान)

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): 17.2006 का भुगतान हमने डी.डी. कार्यालय, सिरोही के माध्‍यम से किया गया है और बाकी का ट्रेजरी में गया हुआ है और ट्रेजरी में पास होकर आने के बाद हम तुरन्‍त उसका भुगतान करवा देंगे..(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): या तो फिर आपने गलत उत्‍तर दिया है। माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं आप खुद अवलोकन कर लें उत्‍तर का। छह महीने का भुगतान साथिनों का आज भी बाकी है, यह मंत्रीजी ने लिखित में जवाब दिया है।

श्री अध्‍यक्ष: हां दिया है जवाब में है आपके। आपके जवाब में यही है।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): यह राशि उप निदेशक के पास सरकार की तरफ से होती है..(व्‍यवधान)

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, भुगतान वहीं से होता है तो उसके लिये जो टाइम हुआ है मैंने आपसे निवेदन किया है और हमने निर्देशित किया है कि जल्‍दी से जल्‍दी उसका भुगतान करा देंगे। बिल पास होते ही इन सबका भुगतान आ जायेगा..(व्‍यवधान)

श्री अमराराम (धोद): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, एस.डी.एम.को जब चार्ज दे दिया गया, विभाग को लिख दिया गया, एस.डी.एम. ने भुगतान नहीं करवाया तो क्‍या आप उनके खिलाफ कार्यवाही करने का इरादा रखते हैं ?

श्री अध्‍यक्ष: क्‍यों आप बोल रहे हो, जवाब तो सुन लीजिये उनका। आप स्‍थान ग्रहण कर लें। जवाब सुन लें उनका। 

श्री रघुवीर सिंह मीणा (सराड़ा): डिले किया है, छह महीने लगा दिया उसके खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेंगे ? कार्यवाही करेंगे या नहीं करेंगे ? कार्यवाही की मंशा रखते हैं क्‍या, आप तो यह बताइये। छह महीने हो गये तो यह किसकी लापरवाही की वजह से हुआ है और लापरवाही की है तो आप क्‍या सज़ा देंगे ?

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): डिले के कारण भी मैंने बता दिये..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: सब एक साथ नहीं..(व्‍यवधान)

श्री सुभाष चन्‍द्र शर्मा (कोटपूतली): मंत्री महोदय, सदन में जो जवाब दिया गया है वह तो गंभीरतापूर्वक आपका जवाब आना चाहिये। आपकी क्‍या समस्‍याएं रहीं और क्‍या बात रही लेकिन जवाब जो दिया, आपने कहा कि अभी तक भुगतान नहीं हुआ और आप कह रहे हैं कि भुगतान कर दिया, यह तो बड़ी गंभीर बात है। इस मामले में तो गंभीरता अपने को रखनी पड़ेगी, नहीं तो सदन की सारी जो व्‍यवस्‍था है वह चकनाचूर हो जायेंगी।

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): बिना मतलब की बात कर रहे हैं..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: आप स्‍थान ग्रहण कर लें। जवाब सुन लें उनका। कोटपूतली से आने वाले माननीय सदस्‍य जवाब सुनिये। आप स्‍थान ग्रहण करें। सिरोही से आने वाले माननीय सदस्‍य, स्‍थान गहण कर लें।

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): हमने अब तक जो बात थी लेकिन लोकल लेवल पर पेमेंट होता है लोकल लेवल पर जो स्थिति हुई है वह आपसे मैंने निवेदन किया कि जो स्थितियां हुई। उसके बाद भी हमने लिखा है तीन बार और जल्‍दी से जल्‍दी उसका हम भुगतान करवा देंगे..(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह कोई साधारण बात नहीं है। इससे आपकी सरकार की वर्किंग क्‍या है इसका मालूम पड़ता है। आपने पहले भी छह महीने डिले किया था और उन गरीब औरतों को आप क्‍या देना चाहते हो। आज भी विधान सभा में क्‍वेश्‍चन लगने के बाद भी आपकी हालत है कि छह महीने तक आपने पेमेंट नहीं किया आज भी। आपमें अगर जरा भी नैतिकता है तो इसतीफा दें आप। आप इस लायक नहीं हो इस डिपार्टमेंट को संभलाने के..(व्‍यवधान)

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): मैंने यह भी निवेदन किया कि विलम्‍ब जिस कारण से हुआ उसके खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेंगे और भुगतान करवा देंगे। दोषी होगा हम निश्चित रूप से उसकी कार्यवाही करेंगे..(व्‍यवधान

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): यह भाषण हो रहा है क्‍या ? पाइंटेड सवाल करें जवाब देगी सरकार। आप पाइंटेड सवाल करें..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: मंत्रीजी, आप पहले पूरा प्रश्‍न सुन लें उनका फिर जवाब दें।

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): आप साथिनों का भुगतान नहीं कर रहे हो, क्‍या जवाब दे रहे हो ? यह 12 महीने से डिले है आपका और आप सरकार चला रहे हो। कौनसी सरकार चला रहे हो आप ?यह क्‍या सरकार चला रहे हो आप ?यह क्‍या सरकार चला रहे हो आप जो महिला सशक्‍तीकरण के दावे हैं आपके, यह तो सरकार की हालत है और आप कह रहे हैं हम कार्यवाही कर रहे हैं। क्‍या कार्यवाही कर रहे हो आप..(व्‍यवधान)

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): वह स्थितियां मैंने बतायीं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्यवाही भी करेंगे। मैंने कह दिया कि इसमें निश्चित रूप से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही जिसने भी किया है उनके खिलाफ करेंगे..(व्‍यवधान) जिन अधिकारियों ने किया है, चाहे किसी ने किया हो, हम निश्चित रूप से इसमें कार्यवाही करेंगे..(व्‍यवधान)

श्री बंशीलाल खटीक (राजसमन्‍द): माननीय सदस्‍य के समझने में थोड़ा फर्क है माननीय अध्‍यक्ष महोदय..(व्‍यवधान) गलती करने वालों के साथ कार्यवाही नहीं करेंगे तो क्‍या करेंगे ? कार्यवाही करेंगे..(व्‍यवधान)

श्री अमराराम (धोद): अध्‍यक्ष महोदय, सहयो‍गिनीयों को मात्र 800, 1000 रुपये महीने का भत्‍ता मिलता है और वह भी छह महीने तक इनके आई.सी.डी.एफ. नहीं दे, लम्‍बी छुट्टी पर था तो कोई न कोई तो वहां इंचार्ज होगा और छह महीने तक आठ सौ और एक हजार रुपये उनको भत्‍ते के रूप में है, वह भी छह-छह महीने तक नहीं दिया, जो भी अधिकारी इंचार्ज था उनके खिलाफ सरकार ने अभी तक क्‍या कार्यवाही की है और नहीं की है तो आगे क्‍या करने का इरादा रखते हैं, वह बता दें आप। छह महीने तक एक हजार रुपये का भत्‍ता भी नहीं अगर चुकायेंगे तो क्‍या हालत है फिर इस विभाग की ? कोई इंचार्ज तो होगा..(व्‍यवधान)

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैंने पहले भी निवेदन कर दिया कि जो स्थितियां थीं यानि हमारे जो डी.डी. लम्‍बी छुट्टी पर थे उसके बाद में जिस अधिकारी को चार्ज दे रखा था..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: आप बीच में न बोले जवाब सुन लें उनका। बीच में न बोले।

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): और एस.डी.एम. को लोकल लेवल पर चार्ज दिया गया था और उसके बाद भी हमने लिखा है तीन बार। मैं आपको पहले भी निवेदन कर चुका हूं और उस बीच में जो भी विलम्‍ब हुआ, जिस अधिकारी और कर्मचारी ने लापरवाही बरती है उसके खिलाफ निश्चित रूप से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेंगे और उसका भुगतान करवा देंगे..(व्‍यवधान)

श्री अमराराम (धोद): किसने की है, अध्‍यक्ष महोदय, सवाल यह है कि जिसके पास, एस.डी.एम. के पास चार्ज था और उसने छह महीने तक पेमेंट नहीं किया उसके खिलाफ अभी तक कार्यवाही क्‍या की है, वह बतायें। करेंगे, कार्यवाही, प्रश्‍न आ गया विधान सभा में और अब कह रहे हैं और आज तक क्‍या कार्यवाही की है जिसके पास चार्ज था, अब तक क्‍या कार्यवाही की है ? उसने नहीं किया, उसके खिलाफ आज तक क्‍या कार्यवाही की है, वह बतायें..(व्‍यवधान)

श्री खुशवीर सिंह जोजावर (खारची): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मंत्री महोदय ने बताया कि तीन बार हमने उनको पत्र लिखा और कार्यवाही नहीं हुई तो फिर आपके पत्र का क्‍या हुआ ? आपके आदेश का, तीन बार आपके आदेशों की अवहेलना हो रही है, आप कुछ कार्यवाही नहीं कर रहे हैं..(व्‍यवधान)

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं इसलिये निवेदन कर रहा हूं कि जो हमने लिखा है निश्चित रूप से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेंगे..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: मंत्रीजी, इनका सुन लें..(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): सरकार द्वारा हर प्रभारी मंत्री हर महीने दौरे पर जाता है। प्रभारी मंत्री दौरे पर जाता है, सेक्रेटरी, इंचार्ज दौरे पर आता है, यह सारे आंकड़े इस सरकार के निकम्‍मेपन की पराकाष्‍ठा है। क्‍या प्रभारी मंत्री करते हैं, क्‍या प्रभारी सचिव करते हैं और किस बात का जिले के अन्‍दर जाकर मंत्री दौरा करके आते हैं। छह-छह महीने बहनों को आप आठ सौ, हजार रुपये का भुगतान नहीं कर रहे हो। पहले भी छह महीने डिले किया..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: भाषण नहीं, भाषण नहीं। मंत्रीजी, ..(व्‍यवधान) स्‍थान ग्रहण कर लें। आसन पांवों पर, स्‍थान ग्रहण कर लें। आसन पांवों पर है..(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): भाषण की बात नहीं है, यह कोई साधारण बात नहीं है, यह पूरी सरकार के निकम्‍मेपन का उदाहरण है..(व्‍यवधान)

श्री बंशीलाल खटीक (राजसमन्‍द): सरकार के लिये निकम्‍मापन कहा गया है, यह ठीक नहीं है। सरकार के लिये निकम्‍मापन कहना ठीक नहीं है, आप इन्‍हें निर्देशित करें..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: स्‍थान ग्रहण करें। राजसमंद से आने वाले माननीय सदस्‍य, स्‍थान ग्रहण करें। राजसमंद से आने वाले माननीय सदस्‍य, बैठे-बैठे नहीं बोलें। माननीय मंत्रीजी, यह बात तो सही है कि आपके आदेश के बाद आप कहते है मैंने लिखा और लिखने के बाद भी उनको पेमेंट नहीं हुआ, उन दोषी अधिकारियों के खिलाफ आप कुछ करें तो सही। एक्‍शन तो लें, कोई कार्यवाही तो करें।

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): मैंने निवेदन कर दिया निश्चित रूप से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेंगे और यह भी निवेदन करना चाहता हूं कि जल्‍दी से जल्‍दी फरवरी माह तक का हम भुगतान करा देंगे..(व्‍यवधान)

डा. सी. पी. जोशी (नाथद्वारा): डी.ओ.पी. में किसने दी है यह ? डी.ओ.पी. में किसने दी है यह ?

श्री अध्‍यक्ष: आप बीच में न बोलें, स्‍थान ग्रहण कर लें।

श्री खुशवीर सिंह जोजावर (खारची): मंत्रीजी, योग्‍यता का परिचय दें और कुछ कार्यवाही करें अन्‍यथा इस्‍तीफा दे दें..(व्‍यवधान)

श्री अमराराम (धोद): जिन्‍होंने किया उनके खिलाफ क्या किया वह बताओ ना..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: मैंने कहा स्‍थान ग्रहण करें। स्‍थान ग्रहण कर लें।

श्री हेमाराम चौधरी (गुढ़ामालानी): तीन बार लिखने के बाद भी कुछ नहीं होता, उनकी कोई सुनने वाला है कि नहीं है..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: स्‍थान ग्रहण करें गुढ़ामालानी से आने वाले सदस्‍य। आपका जवाब जो है एक तरु तो जवाब में आप छह महीने का बकाया बता रहे हो, दूसरी तरफ आप कह रहे हैं कि कर दिया उनको अब हमने, ऐसा पहले देख लिया करें। यह इस तरह..(व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): स्‍वीकृति जारी..(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: स्‍वीकृति जारी नहीं, वह कह रहे हैं कर दिया फरवरी में..(व्‍यवधान) 

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हम यहां से..(व्‍यवधान) उसके बाद में..(व्‍यवधान)

 

ssy/usc/1140/1e

 

श्री अध्‍यक्ष: जवाब में आप 6-6 महिने का बता रहे हैं और दूसरी तरफ आप कह रहे हैं कि उनको अब हमने कर दिया। ऐसा है आप देख लिया करें(व्‍यवधान) स्‍वीकृति जारी नहीं हुई, कह रहे हैं कर दिया है (व्‍यवधान) ऐसा नहीं हो।

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, भुगतान वहां लोकल लेवल पर करते हैं (व्‍यवधान)

श्री हेमाराम चौधरी (गुढ़ामालानी): मंत्री बना दिया जाये इस विभाग में (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: बीच में नहीं बोलेंगे। यह क्‍या तरीका है। आसन पांवों पर हैं और आप बीच में खड़े होकर के बोल रहे हैं। मैं मंत्री जी आपसे निवेदन कर रहा हूं।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): आप बिराजें, वह सी.एम. साहब आ रही हैं, जवाब दे देंगी। सी.एम.साहब जवाब दे देंगी।

श्री अमराराम(धोद): अभी तक 6 महिने तक पेमेंट नहीं किया तो उन अधिकारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की है (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: मुख्‍यमंत्री जी कुछ इंटरवीन करना चाह रही होंगी। माननीय मुख्‍यमंत्री जी कुछ इंटरवीन करना चाहती होंगी, सुनिये, आप स्‍थान ग्रहण कर लें।

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): अध्‍यक्ष महोदय, इस सदन में क्‍या हो रहा है, आपको बैठाया जा रहा है(व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: माननीय मंत्री जी जवाब देने से पूर्व पूरी स्थिति पर आप खुद इस बात से पहले संतुष्‍ट हो जाया करें कि क्‍या स्थिति है और क्‍या स्थिति नहीं है। यहां पर तो आप 6-6 महिने का बकाया बता रहे हैं, आइंदा के लिए, भविष्‍य के लिए इसको ठीक तरीके से देखकर के पूरी तैयारी के साथ आया करो।

श्री जुबेर खान (रामगढ़): अध्‍यक्ष महोदय, सवाल यह है कि 6 महिने तक जिन्‍होंने वेतन नहीं दिया उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: वह तो कह दिया ना उन्‍होंने।

श्री कनकमल कटारा (महिला एवं बाल विकास मंत्री): मैंने पूरा बता दिया उसके बाद की स्थिति है(व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, सारी तकलीफ इस बात की है कि जो ब्रेन टयुमर से पीडित डिप्‍टी डायरेक्‍टर थे वह छुट्टी पर चले गये इसलिए दूसरे अधिकारी को चार्ज दिया गया (व्‍यवधान) सरकार ने समय पर स्‍वीकृति जारी की है (व्‍यवधान)

श्रीमती ममता शर्मा (बूंदी): सरकार की यह जिम्‍मेदारी बनती थी कि किसी दूसरे की ड्युटी लगाते (व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): यह 6 महिने में जरूर है(व्‍यवधान)

श्री सुभाष चन्‍द्र शर्मा (कोटपूतली): अध्‍यक्ष महोदय, इस तरह से महिलाओं को शोषण होता रहेगा तो क्‍या होगा ?

श्री अमराराम(धोद): चार्ज जिसके पास था उसके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जा रही है बात यह थी, टयुमर था उसका क्‍या(व्‍यवधान)

श्रीमती ममता शर्मा (बूंदी): आठ सौ रूपया दिया उन महिलाओं को वह भी नहीं मिला और भुगतान नहीं किया तो आप उसको ब्‍याज सहित देने की इच्‍छा रखते हैं कि नहीं यह बतायें (व्‍यवधान)

एक माननीय सदस्‍य: यह एक जगह की बात नहीं है।

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): अध्‍यक्ष महोदय, मैं माननीय मुख्‍यमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि आपकी सरकार ने प्रभारी मंत्री जिले में लगा रखे हैं (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: मुख्‍यमंत्री जी ने कुछ सुना नहीं है, उन्‍होंने कुछ सुना ही नहीं है(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा: नहीं सुना है तो सुन लें, यह क्‍या बात हुई।

श्री अध्‍यक्ष: क्‍या प्रश्‍न है और क्‍या नहीं है, उनको यह पता नहीं है (व्‍यवधान्

श्रीमती वसुन्‍धरा राजे (मुख्‍य मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, अगर इस स्थिति में किसी भी तरीके से लापरवाही बरती गयी है तो हम उसका इंतजाम करा लेगें और जिसने भी किया है उसको दंडित करेंगे। यह तो मैं समझती हूं कि उनके प्रश्‍न में भी आया ही होगा।

श्री संयम लोढ़ा: नहीं आया है, यही तो बात है (व्‍यवधान) यह कोई सही बात नहीं है (व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, इतना स्‍पष्‍ट आश्‍वासन सदन की नेता ने दिया है(व्‍यवधान)

श्रीमती ममता शर्मा (बूंदी): आप दंडित करेंगे और सहयोगिनियों को आठ सौ रूपये तनख्‍वाह (व्‍यवधान) उस भुगतान को क्‍या आप ब्‍याज सहित दे रहे हैं (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य गण, आप बिराजें। माननीय सदस्‍य गण अपना स्‍थान ग्रहण करें(व्‍यवधान) माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने आश्‍वस्‍त कर दिया है सदन को कि इस बारे में जो कोई दोषी होगा उन्‍हें दंडित किया जायेगा। यह कह दिया उन्‍होंने और आप क्‍या चाहते हैं।

श्री संयम लोढ़ा: यह खाली एक अधिकारी का दोषी होने का मामला नहीं है।

श्री रघुवीर सिंह मीणा (सराड़ा): सदन को गुमराह किया जा रहा है(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): यह पूरी शासन व्‍यवस्‍थाा का सवाल है (व्‍यवधान)

श्री अमराराम(धोद): प्रश्‍न का उत्‍तर आ गया है और जब तक एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गयी है। यह एक दफे की बात नहीं है। 6-6 महिने तक दो दफे नहीं दिया है(व्‍यवधान) यह राजस्‍थान के हर जिले का हाल है।

श्री अध्‍यक्ष: कह तो दिया कि उन्‍हें दंडित किया जाये। कह तो दिया...(व्‍यवधान)

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): अध्‍यक्ष महोदय, यह सवाल नहीं है अधिकारियों को दंडित करने को(व्‍यवधान)

श्री अमराराम(धादे): यह केवल सिरोही का ही नहीं राजस्‍थान के हर जिले का यही हाल है।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): राजस्‍थान के सभी जिलों का हाल है।

श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): पूरे राजस्‍थान में पेमेंट नहीं हुआ है(व्‍यवधान)

श्री अमराराम(धोद): सहयोगिनियों को समय पर पेमेंट नहीं होता है और उनके साथ जो हो रहा है कि यह प्रश्‍न आने के बाद में भी उन अधिकारियों को जिन्‍होंने 6-6  महिने तक एक दफे नहीं दो दफे तनख्‍चाह नहीं दी उनके खिलाफ आज तक कार्यवाही नहीं हुई। मेरा सवाल है क्‍या कर देंगे, कब तक कर देंगे यह बतायें।

श्री महावीर प्रसाद जैन (मुख्‍य सचेतक): पेमेंट हो चुका है (व्‍यवधान)

प्रश्‍न संख्‍या 71

श्री अध्‍यक्ष: नैक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन, प्रमोद जैन'भाया'। अनुपस्थि‍त।

(अनुपस्थित कृपया आगे देखें)

श्री शंकर सिंह राजपुरोहित।

विधान सभा क्षेत्र आहोर के अविद्युतीकृत ग्राम

72. श्री शंकर सिंह राजपुरोहित (आहोर): क्‍या ऊर्जा मंत्री यह बताने की कृपा     करेंगे :-

(1) विधान सभा क्षेत्र आहोर में वर्ष 2001 से 2005 तक कौन-कौनसी योजनाओं के तहत कितने घरेलू/वाणिज्यिक/ औद्योगिक/ कृषि कनेक्‍शनों के आवेदन प्राप्‍त हुए है ? संख्‍या सूची सदन की मेज पर रखें।

(2). क्‍या उक्‍त सभी आवेदकों को कनेक्‍शन जारी किये जा चुके हैं ? यदि नहीं, तो कौन-कौन से आवेदक कनेक्‍शन से वंचित हैं एवं क्‍यों ? सूची सदन की मेज पर रखें।

(3). क्‍या यह सही है कि विधान सभा क्षेत्र आहोर के कई गांव विद्युत कनेक्‍शन से वंचित हैं ? यदि हां, तो कौन-कौन से गांव ? ग्रामवार विवरण सदन की मेज पर रखें।

(4) क्‍या सरकार उक्‍त वंचित ग्रामों को वर्ष 2006-07 में विद्यतिकृत करने का विचार रखती है ? यदि नहीं, तो क्‍यों ?

श्री गजेन्‍द्र सिंह (राज्‍य मंत्री, ऊर्जा): (1)  विधान सभा क्षेत्र आहोर में वर्ष 2001 से 2005 तक घरेलू/वाणिज्यिक/औद्योगिक/कृषि कनेक्‍शनों के प्राप्‍त हुए आवेदनों की संख्‍या सूची परिशिष्‍ट'अ' पर उपलब्‍ध है।

(2) उक्‍त प्राप्‍त आवेदनों पर आवश्‍यक विभागीय औपचारिकतायें पूर्ण कर नियमानुसार कनेक्‍शन जारी करने की सतत प्रक्रिया के तहत कनेक्‍शन जारी किये जा रहे हैं। शेष लंबित रहे आवेदनों की श्रेणी वार संख्‍या उक्‍त परिशिष्‍ट'अ' में दर्शायी गई है।

(3) जी नहीं। विधान सभा क्षेत्र आहोर के कुल 138 गांवों में से 135 गांवों में विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध है। गांव महेशपुरा में कोई विद्यत आवेदन लंबित नहीं है। केवल एक गांव रातानाड़ा अविद्युतीकृत है तथा गांव मोरीटोकरियान वर्तमान में गैर आबाद है। 

(4) जी हां। उक्‍त शेष रहे अविद्युतीकृत गांव रातानाडा को राजीव गांधी ग्रामीण विद्यतिकृत योजना के अंतर्गत माह मार्च 2007 तक विद्युतीकृत करना प्रस्‍तावित है। गांव महेशपुरा में आवेदन प्राप्‍त होने पर निगम के नियमानुसार विद्युत कनेक्‍शन देने की कार्यवाही की जायेगी।

श्री शंकर सिंह राजपुरोहित (आहोर): अध्‍यक्ष महोदय, जवाब लगभग परिपूर्ण है। खाली मेरा गांव रातानाडा बाकी है उसको जल्‍दी से जल्‍दी इलेक्ट्रिफाई कर देना, यही निवेदन था।

श्री गजेन्‍द्र सिंह (राज्‍य मंत्री, ऊर्जा): इस वित्‍तीय वर्ष में वह विद्युतीकृत कर दिया जायेगा।

श्री अध्‍यक्ष: श्री कैलाश त्रिवेदी।

भिण्‍डर-रामगढ़(भीलवाड़ा) सड़क का नवीनीकरण

73. श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): क्‍या सार्वजनिक निर्माण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे :-

(1) विधान सभा क्षेत्र सहाड़ा की भिण्‍डर-रामगढ़ सड़क(एम.डी.आर.-33. के गंगापुर-करेड़ा सेक्‍शन के बीच किमी. 0 से 45 तक वर्ष 1991 से आज तक कौन-कौन से किमी. तक नवीनीकरण एवं चौड़ाईकरण का कार्य किया गया ? सूची किमी. सहित सदन की मेज पर रखें।

(2) क्‍या वर्तमान में (एम.डी.आर.-33) गंगापुर-करेड़ा सड़क आवागमन के योग्‍य है एवं क्‍या किसी मशीन द्वारा इस सड़क का लेवल चेक किया गया ? यदि हां, तो क्‍या रिपोर्ट प्राप्‍त हुई ? क्‍या यह सड़क सबसे कम दूरी से चित्‍तौड़-पाली-जोधपुर को जोड़नले वाली सड़क है ? क्‍या सरकार उक्‍त सड़क को मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं केन्‍द्रीय सड़क निधि योजना के तहत नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण करवाने का विचार रखती है ? क्‍या वर्तमान में इस सड़क के नवीनीकरण एवं स़ुदृढ़ीकरण की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है ? यदि हां, तो क्‍या सरकार इस सड़क का नवीनीकरण कराने का विचार रखती है ? यदि हां, तो कब तक व नहीं तो क्‍यों ?

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): (1) विधान सभा क्षेत्र सहाड़ा के अंतर्गत भीण्‍डर रामगढ़ सड़क (एम.डी.आर.-33) के गंगापुर से करेड़ा सेक्‍शन की लंबाई 45 किमी.(किमी0/0 से 45/0) है। जिसमें सन् 1991 से आज तक किमी.26/0 से 28/0 वर्ष 1991 में किमी. 28/0 से 45/0 वर्ष 1993 में किमी. 20/0 से 22/0 वर्ष 2003 में नवीनीकरण कार्य किया गया। वर्ष 1991 से आज तक उक्‍त सड़क के गंगापुर करेड़ा सेक्‍शन में सड़क चौड़ाईकरण का कार्य नहीं हुआ।

(2) जी हां। वर्तमान में भिण्‍डर रामगढ़ सड़क (एम.डी.आर.-33) के गंगापुर करेड़ा सड़क आवागमन के योग्‍य है। इस सड़क पर किसी भी मशीन द्वारा लेवल चैक नहीं किया गया है। यह सही है कि उक्‍त सड़क चित्‍तौड़-पाली-जोधपुर को जोड़ने वाली सबसे कम दूरी की सड़क का भाग है।

जी हां। सरकार उक्‍त सड़क का स्‍टेट रोड फंड/केन्‍द्रीय सड़क निधि योजना में नवीनीकरण का विचार रखती है। मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना में नवीनीकरण व सुदृढीकरण की कोई स्‍वीकृति नहीं है। इस सड़क के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य राज्‍य के उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों एवं प्राथमिकता पर निर्भर करता है।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): अध्‍यक्ष महोदय, एमडीआर रोड के नवीनीकरण के कितने वर्ष में नवीनीकरण होना चाहिए। दूसरा, आपने बताया कि आवागमन के योग्‍य है और दूसरी तरफ आपने बताया कि उसका कोई लेवल ही चैक नहीं हुआ है। रोड सारे जो चलते हैं वह लेवल से चलते हैं कि अगर लेवल ठीक है तो रोड ठीक है। आपने जैसा रोड का लेवल ही चैक नहीं किया। आप किस आधार पर यह कह रहे हैं कि यह रोड आवागमन के योग्‍य है। इस रोड में पूरे खड्डे पड़ चुके हैं, यह बरबाद हो चुकी है और 1991 से यह नवीनीकृ‍त नहीं हुई और आप इसमें कह रहे हैं कि यह आवागमन के योग्‍य है। मैं यह मानता हूं कि यह आवागमन योग्‍य इसलिए है कि हर गाड़ी में फर्स्‍ट गियर से लेकर के चार, पाँच गियर होते हैं। गाड़ी फर्स्‍ट गियर में भी चलेगी, सेकण्‍ड में भी चलेगी, थर्ड में भी चलेगी और पहाड़ी पर भी चलेगी। हाई लेवल से चलेगी। लेकिन वह अवागमन योग्‍य है अगर आप इसको मानते हैं तो यह अवागमन योग्‍य है बाकी लेवल के आधार पर अगर आप लेवल चैक करेंगे, स्‍ट्रेंथ चैक करेंगे तो यह रोड खराब रोड है और चित्‍तौड़ से पाली जाने वाला सबसे कम दूरी के जो इंदौर, एम.पी. से आने वाली रोड है। इसमें 50-60 किलोमीटर की दूरी कम पड़ती है। इस रोड के नवीनीकरण का कार्य आज तक नहीं हुआ जबकि इस रोड से  कौन-कौनसी ऐसी रोड भी हैं जो कितने मीटर विड्थ की रोड़ हैं, एमडीआर में कितनी विड्थ की रोड है, इससे आपने जो लिंक रोड बनायी हैं जो एमडीआर से जुड़ती हुई जा रही हैं वे कौन-कौनसे ऐसे टुकड़े हैं।

श्री अध्‍यक्ष: प्रश्‍न पूछें, भाषण नहीं दें।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): हां, वही पूछ रहा हूं, वह कौन-कौनसी रोड हैं उनकी विड्थ क्‍या है। क्‍या आप इसको चौड़ा करके इसको इसी वित्‍तीय वर्ष में नवीनीकरण का विचार रखते हैं।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): अध्‍यक्ष महोदय, सड़कों में अलग-अलग केटेगिरी के हिसाब से नवीनीकरण के अलग-अलग मानदंड किये हैं। अगर कोई राष्‍ट्रीय राजमार्ग हो तो उस पर चार वर्ष से लेकर छ: वर्ष तक के बीच में नवीनीकरण किया जाता है। यह एमडीआर है, मीटर डिस्ट्रिक्‍ट रोड, इसके नवीनीकरण का कार्य आठ से दस वर्ष के बीच में किया जाता है।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): मंत्री महोदय दस वर्ष में नहीं हुआ है, आप देख लें।

श्री अध्‍यक्ष: आप पूरा जवाब सुनिये।

jyg/usc/2036/1150/1f

 

श्री राजेन्‍द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): यह सही है कि यह सड़क चित्‍तौड़गढ़, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाली सबसे कम दूरी की सड़क है। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैंने मेरे उत्‍तर में विस्‍तृत रूप से बता दिया था कि किस-किस किलोमीटर का इस सड़क का कब-कब नवीनीकरण हुआ है। निश्चित तौर पर जो मापदण्‍ड हैं, उनके अनुसार इस सड़क का नवीनीकरण होना चाहिए पर एम डी आर के नवीनीकरण का कार्य हमें सी आर एफ से जो पैसा मिलता है उससे ही हम करते हैं। सी आर एफ में हमारा पैसा निश्चित तौर पर केन्‍द्र सरकार देती है। मैं आपको यह विश्‍वास दिलाना चाहूंगा कि इस बार सी आर एफ के जो प्रस्‍ताव भेजे जाएंगे उसमें निश्चित तौर पर हम इसको भी शामिल करेंगे और आगामी वर्ष में माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपको मालूम है कि बारहवें वित्‍त आयोग की सिफारिशों से राज्‍य सरकार को सड़कों की मरम्‍मत के लिए भी पैसा मिलने वाला है, उस पैसे का उपयोग करते हुए निश्चित तौर पर आपकी यह सड़क जिसका सवाल आपने उठाया है, इस सड़क की उपादेयता भी है और उपयोगिता भी है, इसके नवीनीकरण कार्य के प्रस्‍ताव सी आर एफ में अगली बार जब भी हम भेजेंगे, भेज देंगे।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): माननीय मंत्री महोदय, मैंने विड्थ के लिए भी निवेदन किया था।

श्री अध्‍यक्ष: नेक्‍स्‍ट क्‍वेश्‍चन, श्री मदन राठौड़।

श्री कैलाश त्रिवेदी (सहाड़ा): इसकी विड्थ, क्‍योंकि मैडम इसमें......। 

श्री नरपत सिंह राजवी (उद्योग मंत्री): आपके खड्डे भर जाएंगे न।

 

दोषपूर्ण खाद्य तेल पैकिंग से स्‍वास्‍थ्‍य पर प्रभाव

 

74. श्री मदन राठौड़ (सुमेरपुर): क्‍या चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे:-

(1) क्‍या यह सही है कि खाद्य तेल पैकिंग में जी.पी. शीट के पीपों का उपयोग स्‍वास्‍थ्‍य के लिए घातक है? यदि हां, तो किस प्रकार की रासायनिक प्रक्रिया होकर स्‍वास्‍थ्‍य पर क्‍या घातक प्रभाव पड़ सकता है?

(2) क्‍या यह सही है कि तेल मिलों द्वारा उत्‍पादित द्रव्‍यों एवं पैकिंग की समय-समय पर जांच हेतु सरकार के अधिकारी नियुक्‍त हैं? यदि हां, तो लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सरकार क्‍या कार्यवाही करने का विचार रखती है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍य मंत्री, चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य (श्री भवानी जोशी): (1) पीएफए एक्‍ट 1954 व 55 के नियम 49(2)(5.vi) एवं (30) के अनुसार खाद्य तेल/वसा की पैकिंग टीन प्‍लेट से बनी कन्‍टेनर (पीपा) ब्‍यूरो आफ इण्डियन स्‍टेण्‍डर्ड व इण्डियन स्‍टेण्‍डर्ड्स के मानक स्‍तर की आवश्‍यकता के अनुरूप होना आवश्‍यक है। राज्‍य सरकार द्वारा उक्‍त नियमों के अनुसार प्रमाणिकता की जांच करती है।

टीन शीट के अतिरिक्‍त अन्‍य प्रकार के कन्‍टेनर में पैक्‍ड तेल/वसा लम्‍बे समय तक रहने पर उसमें बदबू आने लगती है। इस प्रक्रिया को रेनसिडिटी कहते हैं। इस प्रकार के तेल/वसा का प्रयोग स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक होता है। रेनसिडिटी युक्‍त तेल के प्रयोग से पेट से सम्‍बन्धित रोग उत्‍पन्‍न हो सकते हैं।

(2) जी हां। चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण के साथ-साथ राज्‍य सरकार ने अधिसूचना क्रमांक: एफ.17(10) एफ.एस./लीगल/98 दिनांक 08.01.01 में उद्योग विभाग के अन्‍तर्गत कार्यरत निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान को एडिबल ऑयल पैकेजिंग आर्डर, 1988 के अन्‍तर्गत निरीक्षण अधिकारी को प्रदत्‍त निर्धारित कार्यों एवं शक्तियों का प्रयोग करने हेतु नियुक्‍त किए गए हैं एवं इसी अधिसूचना से सभी सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान को एडिबल आयल पैकेजिंग आर्डर,1998 के अन्‍तर्गत पंजीयन अधिकारी को प्रदत्‍त समस्‍त कार्यों एवं शक्तियों का प्रयोग करने हेतु अधिसूचित किया गया है।

राज्‍य में खाद्य तेल/वसा की पैकिंग में अभी तक प्राप्‍त रिपोर्टों के अनुसार जांच हेतु लिए गए खाद्य तेल/वसा के किसी भी नमूने में एस्‍टीमेशन ऑफ मेटल कन्‍टीमेन्‍टस नहीं पाया गया है व न ही रेनसिडिटी पाई गई है।

श्री मदन राठौड़ (सुमेरपुर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, राज्‍य से बाहर से आने वाले तेल पैकिंग की जांच की गई? यदि हां तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई, इसकी रिपोर्ट प्रस्‍तुत करें। दूसरा, जब यह साबित है कि अन्‍य प्रकार के कन्‍टेनर में पैक्‍ड तेल/वसा हानिकारक है तो आज तक लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है? तीसरा, मैंने मांगा था कि रासायनिक प्रतिक्रिया इसकी क्‍या होती है, कृपया स्‍पष्‍ट करें।

श्री भवानी जोशी: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इसस&#